मुंबई : महाराष्ट्र शासनाच्या उच्च व तंत्र शिक्षण विभागाने ‘छत्रपती शिवाजी महाराज चरित्र साधने प्रकाशन समिती’चे पुनर्गठन करण्याचा महत्त्वपूर्ण निर्णय घेतला आहे. यासंदर्भातील अधिकृत शासन निर्णय ६ मार्च २०२६ रोजी निर्गमित करण्यात आला आहे.
पुनर्गठनाची पार्श्वभूमी
यापूर्वीच्या शासन निर्णयानुसार स्थापन करण्यात आलेल्या समितीची मुदत संपल्यानंतर, समितीला मुदतवाढ देण्यात आली होती. समितीची पुनर्रचना करण्याची बाब शासनाच्या विचाराधीन होती, त्यानुसार आता नवीन समितीची घोषणा करण्यात आली आहे.
समितीची रचना
नव्याने पुनर्गठीत करण्यात आलेल्या या समितीमध्ये एकूण २५ सदस्यांचा समावेश आहे. समितीची रचना खालीलप्रमाणे आहे.
| अ.क्र. | मान्यवरांचे नाव | समितीमधील पद | शहर/जिल्हा |
| १ | मा. मंत्री (उच्च व तंत्र शिक्षण) | अध्यक्ष | – |
| २ | मा. राज्यमंत्री (उच्च व तंत्र शिक्षण) | उपाध्यक्ष | – |
| ३ | अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव | सदस्य | – |
| ४ | संचालक, उच्च शिक्षण संचालनालय | निमंत्रित सदस्य | पुणे |
| ५ | संचालक, शासकीय मुद्रणालये व प्रकाशने | सदस्य | मुंबई |
| ६ | श्री. सुधीर श्रीरंग थोरात | सचिव | पुणे |
| ७ | श्री. पांडुरंग नामदेवराव बलकवडे | सदस्य | पुणे |
| ८ | श्री. रघुजीराजे शहाजीराजे आंग्रे | सदस्य | ग्वाल्हेर (म.प्र.) |
| ९ | डॉ. केदारनाथ महादेव फाळके | सदस्य | सांगली |
| १० | श्रीम. अनुराधा गोविंद कुलकर्णी | सदस्य | पुणे |
| ११ | डॉ. नम्रता भोसले-मोहीते | सदस्य | छत्रपती संभाजीनगर |
| १२ | श्री. सचिन बाळासाहेब मदगे | सदस्य | पुणे |
| १३ | श्री. रविंद्र गणेश सासमकर | सदस्य | जालना |
| १४ | डॉ. महेश श्रीपाद बुलाख | सदस्य | पुणे |
| १५ | श्री. पंकज विद्याधर भोसले | सदस्य | नवी मुंबई |
| १६ | श्री. सुनील कदम | सदस्य | – |
| १७ | प्रा. डॉ. सतिश सुखदेव कदम | सदस्य | धाराशिव |
| १८ | डॉ. अशोक मारूती बांगर | सदस्य | बीड |
| १९ | श्री. अभय जगताप | सदस्य | – |
| २० | श्री. राहुल मारूती नलावडे | सदस्य | – |
| २१ | श्री. गोरक्षनाथ भगवानराव आबुज | सदस्य | – |
| २२ | श्री. अशोक अबलीराम राणे | सदस्य | अकोला |
| २३ | श्री. प्रवीण आत्माराम शेजुळ | सदस्य | बीड |
| २४ | श्री. निलेश रमेश भिसे | सदस्य | पुणे |
| २५ | श्री. पवन कृष्णाजी बोंदरे | सदस्य | नागपूर |
कार्यकाळ आणि अटी
या नवनियुक्त समितीचा कालावधी ३ वर्षांचा असणार आहे. समितीची कार्यपद्धती आणि अटी व शर्ती पूर्वीच्या शासन निर्णयानुसारच कायम राहतील, असेही स्पष्ट करण्यात आले आहे.
छत्रपती शिवाजी महाराजांचे देदीप्यमान चरित्र आणि त्यांच्याशी संबंधित साधने जास्तीत जास्त लोकांपर्यंत पोहोचवण्यासाठी ही समिती आगामी काळात महत्त्वपूर्ण भूमिका बजावणार आहे.